नई सरकार के लिए यह राहत भरी खबर होगी. इस महीने पेट्रोल 1.40 रुपया और डीजल 60 पैसे तक सस्ता हुआ है. भारत अपनी जरूरत की 85 फीसदी पेट्रोलियम आयात करता है.
नई दिल्ली: छठे चरण का मतदान जारी है. 23 मई को नतीजे आ जाएंगे, जिसके बाद तय हो जाएंगे कि किसकी सरकार बनने जा रही है. चुनावी मौसम में आगामी सरकार के लिए यह राहत भरी खबर है. पिछले चार दिनों से लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमत में कटौती हुई है. रविवार को पेट्रोल 42 पैसे तक और डीजल 17 पैसे तक सस्ता हुआ है. पिछले चार दिनों में पेट्रोल 1 रुपया 27 पैसे तक सस्ता हुआ है, जबकि डीजल 55 पैसे तक सस्ता हुआ है.
आज दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 71.73 रुपये और डीजल 66.11 रुपये है. मुंबई में पेट्रोल 77.34 रुपये और डीजल 69.27 रुपये प्रति लीटर है. कोलकाता में पेट्रोल 73.79 रुपये और डीजल 67.86 रुपये है, वहीं चेन्नई में पेट्रोल 74.46 रुपये और डीजल 69.88 रुपये प्रति लीटर है. नोएडा में पेट्रोल 71.27 रुपये तो गुरुग्राम में 71.78 रुपये, वहीं डीजल 65.23 रुपये और 65.31 रुपये प्रति लीटर है.
| शहरों के नाम | पेट्रोल/लीटर | डीजल/लीटर |
| दिल्ली | ₹71.73 | ₹66.11 |
| मुंबई | ₹77.34 | ₹69.27 |
| कोलकाता | ₹73.79 | ₹67.86 |
| चेन्नई | ₹74.46 | ₹69.88 |
| नोएडा | ₹71.27 | ₹65.23 |
| गुरुग्राम | ₹71.78 | ₹65.31 |
बात अगर मई महीने की करें तो केवल 4 मई को कीमत में उछाल आया था. इसके अलावा सभी दिन या तो कीमत स्थिर रहे या फिर कमी दर्ज की गई. 30 अप्रैल को एक लीटर पेट्रोल की कीमत दिल्ली में 73.13 पैसे थी, 12 मई को कीमत 71.73 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, 30 अप्रैल को एक लीटर डीजल की कीमत दिल्ली में 66.71 रुपये प्रति लीटर थी, 12 मई को यह कीमत 66.11 रुपये है. इस हिसाब से पेट्रोल 1 रुपया 40 पैसा और डीजल 60 पैसे प्रति लीटर तक सस्ता हुआ है.
सुबह 6 बजे से प्रभावी हो जाती हैं नई दरें
घरेलू तेल कंपनियां प्रतिदिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा करती है और नई दरों सुबह 6 बजे से पेट्रोल पंपों पर प्रभावी हो जाती हैं. तेल कंपनियां वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों के आधार पर घरेलू कीमतें तय करती हैं. इसके लिए 15 दिन की औसत कीमत को आधार बनाया जाता है. इसके अलावा रुपये और डॉलर के विनिमय दर से भी तेल की कीमत प्रभावित होती है.
घरेलू तेल कंपनियां प्रतिदिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा करती है और नई दरों सुबह 6 बजे से पेट्रोल पंपों पर प्रभावी हो जाती हैं. तेल कंपनियां वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों के आधार पर घरेलू कीमतें तय करती हैं. इसके लिए 15 दिन की औसत कीमत को आधार बनाया जाता है. इसके अलावा रुपये और डॉलर के विनिमय दर से भी तेल की कीमत प्रभावित होती है.

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