Monday, 4 May 2020

रवीश कुमार को फिल्ममेकर अशोक पंडित ने बताया बिकाऊ, वीडियो शेयर कर कही ऐसी बात


Ashok pandit on ravish kumar

लॉकडाउन के बाद सोशल मीडिया पर लोग काफी एक्टिव दिखाई दे रहे हैं. वो चाहे पत्रकारिता फील्ड से हो, एंटरटेनमेंट फील्ड जगत से हो, राजनीति फील्ड से हो या फिर कोई आम नागरिक हो, हर कोई सोशल मीडिया के जरिए अपी प्रतिक्रिया जाहिर कर रहा है. कोरोना के इस संकट समय में पत्रकारिता की भी अहम भूमिका रही है, जो लगातार लोगों तक हर खबर को पहुंचा रहे हैं. इसी बीच फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट कर हंगामा मचा दिया है. इस ट्वीट के जरिए उन्होंने सीधी रवीश कुमार पर हमला बोला है. ये भी पढ़ें:- अनुराग कश्यप ने फिर पार की हद, गृह मंत्री अमित शाह को कहा- जानवर, ट्वीट कर लिखा- इतिहास थूकेगा दरअसल एक वीडियो को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते हुए रवीश कुमार ने उसके कैप्शन में लिखा है कि, ‘एक बिके हुए शख्स से आप और क्या उम्मीद कर सकते हैं! बेचारों का वैसे भी धंधा मंदा चल रहा है!’ अशोक पंडित के इस ट्वीट के बाद तो सोशल मीडिया पर कमेंट की बौछार शुरू हो गई कोई उनके मर्थन में उतरा तो कई रवीश कुमार का सपोर्ट करने उतरा. इसी बीच एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि, ‘अब आपसे यही उम्मीद लगाए बैठे थे!! क्या आपने कभी अपने अंदर झाख कर देखा है कि मैं क्या बोलता हूं और समाज में क्या असर होगा इसका? तो वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा कि, ‘आलू महंगा तो ये किचन में दिखाई देगा और सस्ता हो तो किसान खेत में, बस यही इनकी पत्रकारिता है.’ https://twitter.com/PoliticalKida/status/1256428534974693376?s=20 आपको बता दें कि अशोक पंडित ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें आप देख सकते हैं कि रवीश कुमार सीधा मौजूदा सरकार पर निशाना साथ रहे हैं, और ट्रेन चलाने को लेकर कई तरह की बातें कर रहे हैं. इस वीडियो में वो ये भी कह रहे हैं कि अच्छा होता कि सरकार बस के बजाय लोगों को लाने के लिए ट्रन चलाती. ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का अच्छे से पालन भी हो पाता. इस बात के लिए सरकार से कई मुख्यमंत्रियों ने गुहार भी लगाई लेकिन उनकी बात को सीधे तौर पर अनसुना कर दिया गया. खैर अब सरकार ने प्रवासी मजदूरों को अक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए ट्रेन चलाने का फैसला कर लिया है, लेकिन 1 महीने की देरी के बाद, ऐसे में इसका साफ मतलब ये है कि लॉकडाउन और चलने वाला है. क्योंकि जब आप महीने भर लॉकडाउन के बाद ऐसा फैसला करें तो मतलब साफ हो जाता है. फिलहाल सवाल ये है कि कारखानों, बाजारों को चलाने के लिए इन मजदूरों की जरुरत होगी तो फिर क्या ऐसे में सरकार इन्हें वापस दोबारा लाने के लिए ट्रेन चलाएगी. ये भी पढ़ें:- BJP ने अनुराग कश्यप के पुराने लेटर किए वायरल, बोले- भीख नहीं मिली तो गाली देने लगे

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